India retail inflation August 2026
भारत में खुदरा महंगाई एक बार फिर बढ़ गई है। अगस्त 2026 में CPI आधारित महंगाई (India retail inflation August 2026) दर 4.82 प्रतिशत रही। जुलाई में यह दर 4.45 प्रतिशत थी। अगस्त का आंकड़ा फिलहाल प्रारंभिक है।
महंगाई बढ़ने में खाद्य वस्तुओं की बड़ी भूमिका रही। अगस्त में खाद्य महंगाई बढ़कर 5.95 प्रतिशत हो गई। जुलाई में यह 5.52 प्रतिशत थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 6.13 प्रतिशत रही। शहरी क्षेत्रों में यह 5.64 प्रतिशत रही। इससे साफ है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों ने घरेलू बजट पर दबाव बढ़ाया है।
प्याज और लहसुन की कीमतों में खास तेजी देखने को मिली। अगस्त में प्याज की महंगाई दर 48.27 प्रतिशत रही। जुलाई में यह 22.54 प्रतिशत थी।
लहसुन की महंगाई दर भी 43.60 प्रतिशत तक पहुंच गई। हालांकि टमाटर, आलू और भिंडी जैसी कुछ सब्जियों की कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।
अगस्त में ग्रामीण भारत में खुदरा महंगाई 5.23 प्रतिशत रही। शहरी क्षेत्रों में यह 4.31 प्रतिशत रही। जुलाई में ग्रामीण और शहरी महंगाई क्रमशः 4.84 और 3.96 प्रतिशत थी।
राज्यों में तेलंगाना सबसे ऊपर रहा। वहां खुदरा महंगाई 6.27 प्रतिशत रही। दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में यह 6.22 प्रतिशत रही।
पश्चिम बंगाल में स्थिति राष्ट्रीय औसत से बेहतर रही। राज्य में अगस्त की खुदरा महंगाई 3.28 प्रतिशत रही। शहरी क्षेत्रों में यह 2.85 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 3.62 प्रतिशत थी।
भारत में खुदरा महंगाई लगातार तीसरे महीने बढ़ी है। मई में यह 3.93 प्रतिशत थी। जून में यह बढ़कर 4.38 प्रतिशत हो गई।
जुलाई में महंगाई 4.45 प्रतिशत और अगस्त में 4.82 प्रतिशत हो गई। इससे आने वाले महीनों में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
अब नजर RBI की मौद्रिक नीति पर है। मौजूदा रेपो रेट 5.25 प्रतिशत है। अगर महंगाई का दबाव बना रहता है, तो ब्याज दरों पर RBI के रुख को लेकर बाजार की नजर बनी रहेगी।