महाराष्ट्र वायरल ऑडियो जांच
मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने के लिए पैसे दिए जाने के आरोप वाले एक वायरल ऑडियो ने महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मराठा नेता मनोज जरांगे ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऑडियो क्लिप सुनाई। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी फोरेंसिक जांच के आदेश दिए।
जरांगे की ओर से जारी क्लिप में तीन या चार लोगों की आवाजें सुनाई देती हैं। इसमें एक महिला कथित तौर पर कहती है कि जरांगे पाटिल को 500 करोड़ रुपये मिल चुके हैं और यह रकम श्रीकांत शिंदे के जरिए दी गई। एक पुरुष आवाज जरांगे को नियंत्रित करने और उन्हें घेरने की बात करती सुनाई देती है।
दावा किया जा रहा है कि ऑडियो 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले का है। इसमें मराठवाड़ा का भी उल्लेख है। क्लिप में सुनाई देने वाली आवाजों और पैसे दिए जाने के दावे की जांच के लिए फोरेंसिक प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
जरांगे ने आरोप लगाया कि उनकी छवि और आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश के पीछे शिंदे खेमे के नेताओं की 70 प्रतिशत और फडणवीस के दल के नेताओं की 30 प्रतिशत भूमिका है। उन्होंने कहा कि वह मराठा समुदाय के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने पैसे लेने या देने के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जरांगे के पास यदि कोई सबूत है तो उसे जमा करना चाहिए और मामले की जांच होनी चाहिए।
ऑडियो को लेकर भाजपा और शिवसेना के शिंदे खेमे के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं। भाजपा प्रवक्ता आशीष शेलार और शिवसेना (शिंदे खेमे) के नेता रामदास कदम ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। कदम ने आरोप लगाया कि भाजपा का एक धड़ा जरांगे के साथ साजिश में शामिल है।
फोरेंसिक जांच के नतीजों से ऑडियो के स्रोत, समय और उसमें लगाए गए आरोपों को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।