• 8 November 2026
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Form 6 से SIR घोषणा अलग

ईसीआई ने सभी राज्यों में SIR घोषणा को Form 6 से अलग किया

मतदाता सूची में नाम जोड़ने के आवेदन Form 6 के साथ अब SIR घोषणा जमा नहीं करनी होगी। चुनाव आयोग ने बैठकों, अधिकारियों की विदेश यात्राओं और नए आईटी मॉड्यूल की मंजूरी के लिए भी संशोधित प्रक्रियाएं तय की हैं।

ईसीआई ने सभी राज्यों में SIR घोषणा को Form 6 से अलग किया

Form 6 से SIR घोषणा अलग

Published by: cloudtv-newsroom
  • Posted:November 5, 2026 2:53 pm
  • Update:November 5, 2026 2:53 pm
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भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों में ऑनलाइन Form 6 से Special Intensive Revision (SIR) घोषणा को पूरी तरह अलग कर दिया है। अब मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के आवेदकों को Form 6 के साथ SIR घोषणा जमा करने के बजाय इसे अलग से प्रस्तुत करना होगा। यह बदलाव उन राज्यों पर भी लागू होगा जहां SIR की प्रक्रिया अभी जारी है।

Form 6 से अलग जमा होगी घोषणा

Form 6 मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाला आवेदन है। पहले कुछ राज्यों में SIR घोषणा को इस ऑनलाइन आवेदन से जोड़ा गया था। अब आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी राज्य में SIR घोषणा Form 6 का हिस्सा नहीं होगी। जिन राज्यों में SIR का काम पूरा हो चुका है, वहां घोषणा को अलग करने की प्रक्रिया पहले ही अपनाई जा चुकी थी।

बैठकों और प्रशासनिक कामकाज में बदलाव

आयोग ने अपनी आंतरिक कार्यप्रणाली में भी कई बदलाव किए हैं। बैठकों का एजेंडा पहले से प्रसारित किया जाएगा और बैठक के बाद औपचारिक कार्यवृत्त जारी किया जाएगा। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को विदेश यात्रा से पहले आयोग की मंजूरी लेनी होगी। नए आईटी मॉड्यूल से जुड़े प्रस्तावों को आयोग के सामने रखने से पहले एक समिति उनकी समीक्षा करेगी।

विपक्ष के विरोध के बीच फैसला

SIR घोषणा को Form 6 से जोड़ने पर दो चुनाव आयुक्तों ने चिंता जताई थी। इसके बाद यह बदलाव किया गया। आयोग के अनुसार, SIR का उद्देश्य मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करना है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन भी किए हैं।

INDIA bloc ने उठाए सवाल

INDIA bloc ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के संशोधन में अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। इसी माहौल में आयोग ने निर्णय लेने और प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी तथा औपचारिक रूप से दर्ज करने वाली प्रक्रियाएं लागू की हैं।

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