नेहा बोरा पुराना वीडियो
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का एक पुराना और बिना तारीख वाला वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर राजनीतिक हमला किया है। वीडियो में बोरा ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’, महिलाओं की सुरक्षा और मंदिरों के भीतर पुजारियों द्वारा कथित यौन उत्पीड़न की बात करती दिखाई देती हैं। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 3 नवंबर को यह वीडियो प्रसारित किया।
वीडियो में बोरा ने कहा, “It is the very same system under which even Brahmin women are unsafe and fall victim to rape. Priests commit rapes inside temples. We have witnessed such instances in Unnao and Kathua.” उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा जरूरी है और ऐसी सुरक्षा ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ से ही चाहिए।
बोरा ने अपनी बात के दौरान उन्नाव और कठुआ मामलों का संदर्भ दिया। BJP नेताओं ने टिप्पणियों को हिंदू-विरोधी बताया और बोरा को राहुल गांधी तथा विपक्षी प्रदर्शनों से जोड़ते हुए कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष पर निशाना साधा।
शिवसेना (UBT) की पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी बोरा की टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वीडियो पुराना हो सकता है, लेकिन इसमें ऐसी सोच दिखाई देती है जिसमें मंदिरों में दुष्कर्म होने और पुजारियों के इसमें शामिल होने का दावा किया गया है।
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि इस तरह का व्यापक बयान उचित नहीं है। उनके अनुसार, हर धर्म में अच्छे और बुरे लोग होते हैं और ऐसे सामान्यीकरण से बचना चाहिए। चतुर्वेदी और राय दोनों कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों से जुड़े हैं।
दिल्ली की अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने कहा कि उन्होंने नई दिल्ली स्थित संसद मार्ग थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर को शिकायत दी है। उनका आरोप है कि धार्मिक कार्यकर्ताओं के पूरे समुदाय के खिलाफ ऐसे व्यापक आरोप सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित कर सकते हैं और समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ा सकते हैं।
सचदेवा ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बयान देने का लाइसेंस नहीं है।
यह वीडियो मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष समर्थित प्रदर्शनों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच सामने आया। बोरा को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों में भाग लेते और 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विपक्षी मार्च में राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ देखा गया था। स्रोत के अनुसार, उन्होंने अन्य छात्र कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर पर 23 दिन की भूख हड़ताल भी की थी।