Suvendu Cabinet Agnimitra Sharadwat
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को नवान्न में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान दो मंत्रियों को अपने विभागों के काम पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से सड़क पर अत्यधिक सक्रियता दिखाने के बजाय विभागीय कामकाज को प्राथमिकता देने को कहा।
सूत्रों के अनुसार, जिन दो मंत्रियों का नाम इस संदर्भ में सामने आया है, उनमें अग्निमित्रा पॉल और शारद्वत मुखोपाध्याय शामिल हैं।
शहरी और प्रशासनिक मामलों से जुड़े मुद्दों पर अग्निमित्रा पॉल हाल के दिनों में कई बार सड़क पर सक्रिय दिखाई दी हैं।
फुटपाथ अतिक्रमण, सड़क सुरक्षा और बाजार से जुड़े मामलों को लेकर उन्होंने मौके पर जाकर अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों से बातचीत की है।
कई मौकों पर सब्जी विक्रेताओं और आम लोगों के साथ उनकी बहस के वीडियो भी सामने आए। सड़क सुरक्षा को लेकर माइक से लोगों को चेतावनी देते हुए भी उन्हें देखा गया।
फुटपाथ पर स्टोव जलाकर दूध गर्म करने वाली महिला से बातचीत और बाजार में साइकिल रखने को लेकर विक्रेताओं से बातचीत जैसे वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे।
इन गतिविधियों के बीच कैबिनेट बैठक में उन्हें अपने विभागीय काम पर अधिक ध्यान देने की सलाह दिए जाने की बात सामने आई है।
स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय भी हाल के दिनों में सरकारी अस्पतालों के औचक निरीक्षण और जनसंपर्क गतिविधियों को लेकर सक्रिय रहे हैं।
उन्होंने अस्पतालों में जाकर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उनकी सक्रियता पहले भी सामने आती रही है।
बुधवार को ही विधाननगर के भाजपा विधायक शारद्वत मुखोपाध्याय के ‘विधायक दरबार’ में राजारहाट-न्यूटाउन के भाजपा विधायक पीयूष कनोरिया के साथ सार्वजनिक रूप से बहस होने की बात सामने आई।
इसके बाद कैबिनेट बैठक में शारद्वत को भी विभागीय कामकाज पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की सलाह दिए जाने की जानकारी सरकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
कैबिनेट बैठक में सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को जल्द सुलझाने पर भी जोर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने विभागवार भर्ती संबंधी मामलों को तेजी से आगे बढ़ाने और जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की नियुक्ति करने को कहा।
कोलकाता पुलिस में 2,000 और राज्य पुलिस में 6,000 कर्मचारियों की भर्ती का मुद्दा भी बैठक में सामने आया। हालांकि, भर्ती से संबंधित मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को बजट आवंटन का योजनाबद्ध तरीके से इस्तेमाल करने का निर्देश भी दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने संकेत दिया कि अगर विभाग आवंटित धन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो अगले बजट में आवंटन पर असर पड़ सकता है।