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Arvind Kejriwal SIR notice

क्या वोटर लिस्ट से हटेगा केजरीवाल का नाम? SIR में परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस

दिल्ली की SIR प्रक्रिया में अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता, बेटे पुलकित और माता-पिता को नोटिस जारी किया गया है। सभी को “Unmapped with Last SIR” श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, इसका मतलब अभी वोटर लिस्ट से नाम हटना नहीं है।

क्या वोटर लिस्ट से हटेगा केजरीवाल का नाम? SIR में परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस

Arvind Kejriwal SIR notice

Published by: cloud_hindi
  • Posted:September 19, 2026 3:08 pm
  • Update:September 19, 2026 3:08 pm
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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। दिल्ली में चल रहे Special Intensive Revision यानी SIR के तहत केजरीवाल और उनके परिवार के चार सदस्यों को नोटिस जारी किया गया है।

हालांकि, इस नोटिस का मतलब यह नहीं है कि केजरीवाल का नाम अभी वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। उन्हें “Unmapped with Last SIR” श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि मौजूदा रिकॉर्ड का पिछली SIR के रिकॉर्ड से मैपिंग संबंध नहीं मिला है और अब सत्यापन की प्रक्रिया होगी।

केजरीवाल समेत परिवार के पांच लोगों को नोटिस

अरविंद केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल को भी नोटिस मिला है। उनके पिता गोबिंद राम केजरीवाल और मां गीता देवी को भी इसी श्रेणी में नोटिस जारी किया गया है।

केजरीवाल के 25 वर्षीय बेटे पुलकित केजरीवाल को भी नोटिस मिला है। यानी परिवार के कुल पांच सदस्यों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाना है।

ये सभी नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मतदाता हैं। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के एक खास पार्ट सेगमेंट में कुल 110 लोगों को इस तरह के नोटिस दिए गए हैं।

अब इन मतदाताओं को चुनाव अधिकारियों के सामने जरूरी जानकारी और दस्तावेज पेश करने होंगे। इसके बाद रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट होगी।

SIR को लेकर पहले भी सवाल उठा चुके हैं केजरीवाल

दिल्ली में SIR की प्रक्रिया को लेकर केजरीवाल पहले भी सवाल उठा चुके हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 47 लाख से अधिक नाम नहीं होने के बाद उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति जताई थी।

केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि SIR के जरिए वोटरों की संख्या कम की जा रही है और विपक्षी वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है। ये केजरीवाल के राजनीतिक आरोप हैं और इस मुद्दे पर बीजेपी की ओर से अलग प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

दिल्ली की SIR ड्राफ्ट सूची के आंकड़ों के अनुसार, करीब 1.45 करोड़ मौजूदा मतदाताओं में से 47.56 लाख से अधिक के enumeration forms जमा या डिजिटाइज नहीं हो सके। चुनाव अधिकारियों के अनुसार इसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट मतदाता भी शामिल थे।

इसलिए ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होना अपने आप में अंतिम रूप से मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है। प्रभावित मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है।

‘Unmapped’ का क्या मतलब है?

“Unmapped with Last SIR” का अर्थ है कि मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड को पिछली SIR की सूची से संबंधित रिकॉर्ड के साथ मैच नहीं किया जा सका। ऐसे मामलों में अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत पड़ती है। केजरीवाल परिवार के पांच सदस्य इसी श्रेणी में हैं।

फिलहाल ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं है कि केजरीवाल या उनके परिवार के सदस्यों को मतदाता सूची से अंतिम रूप से बाहर कर दिया गया है। नोटिस के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस मामले ने दिल्ली की SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। आम आदमी पार्टी इस नोटिस को राजनीतिक संदर्भ में देख रही है। वहीं उपलब्ध चुनावी जानकारी में इसे मतदाता रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया के तौर पर दर्ज किया गया है।

अब नजर इस बात पर है कि सत्यापन के बाद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम अंतिम मतदाता सूची में किस स्थिति में रहते हैं।

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