SpiceJet Delhi Dubai flight delay
SpiceJet की दिल्ली से दुबई जाने वाली फ्लाइट में 24 घंटे से ज्यादा की देरी ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। लंबे समय तक इंतजार (SpiceJet Delhi Dubai flight delay) करने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर कई यात्रियों ने विरोध जताया।
यात्रियों का आरोप है कि उन्हें फ्लाइट के रवाना होने को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी। लंबे इंतजार के बावजूद उड़ान का निश्चित समय साफ नहीं था।
स्थिति बिगड़ने के बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट पर ही विरोध शुरू कर दिया। यात्रियों की नाराजगी का मुख्य कारण लंबे समय तक इंतजार, सूचना की कमी और एयरलाइन की सेवा को लेकर अनिश्चितता बताई जा रही है।
Delhi-Dubai SpiceJet सेवा के हालिया फ्लाइट डेटा में भी लगातार देरी दर्ज की गई है।
SpiceJet की SG5111 फ्लाइट आमतौर पर दिल्ली से सुबह 8:30 बजे रवाना होने वाली होती है। इसका दुबई पहुंचने का निर्धारित समय स्थानीय समय के अनुसार सुबह 11:15 बजे है।
लेकिन पिछले कुछ दिनों के रिकॉर्ड में इस फ्लाइट में कई बार काफी देरी हुई है। 12 सितंबर की उड़ान करीब 10 घंटे 45 मिनट देर से रवाना हुई थी। इसके बाद भी इस रूट पर देरी का सिलसिला जारी रहा।
14 सितंबर की SG5111 फ्लाइट के लिए लगभग 15 घंटे 35 मिनट की देरी दर्ज की गई। वहीं एक अन्य लाइव ट्रैकिंग सेवा ने इस फ्लाइट की कुल देरी करीब 26 घंटे 30 मिनट बताई।
लगातार हो रही देरी ने यात्रियों के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्री जानना चाहते हैं कि दिल्ली-दुबई रूट पर बार-बार इतनी लंबी देरी क्यों हो रही है।
SpiceJet की Passenger Rights Policy के अनुसार, लंबी देरी की स्थिति में यात्रियों को कुछ सुविधाएं मिल सकती हैं।
चार घंटे से ज्यादा की देरी होने पर पात्र यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। वहीं यदि उड़ान का अनुमानित प्रस्थान समय मूल समय से 24 घंटे से ज्यादा आगे बढ़ जाता है, तो जरूरत के अनुसार होटल accommodation उपलब्ध कराने की बात SpiceJet ने अपनी नीति में कही है।
स्थिति के आधार पर यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान या रिफंड जैसे विकल्प भी मिल सकते हैं।
Delhi Airport यात्रियों को सलाह देता है कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले सीधे एयरलाइन से फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांचें। एयरपोर्ट के अनुसार उड़ानों का समय कम समय में भी बदला जा सकता है।
SpiceJet की दिल्ली-दुबई फ्लाइट में हुई लंबी देरी ने एक बार फिर एयरलाइन की operational reliability और passenger communication पर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों की मांग है कि ऐसी स्थिति में एयरलाइन स्पष्ट और समय पर जानकारी दे।