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Ishan Kishan double century

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन का ऐतिहासिक दोहरा शतक, एलीट लिस्ट में बनाई जगह

दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ ईशान किशन ने शानदार दोहरा शतक लगाकर इतिहास रच दिया। वह फाइनल में 200 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले सिर्फ पांचवें बल्लेबाज बने। इसी पारी के दौरान उन्होंने First-Class क्रिकेट में 4,000 रन और अपना 10वां शतक भी पूरा किया।

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन का ऐतिहासिक दोहरा शतक, एलीट लिस्ट में बनाई जगह

Ishan Kishan double century

Published by: cloud_hindi
  • Posted:September 7, 2026 3:58 pm
  • Update:September 7, 2026 3:58 pm
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दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने बल्ले से इतिहास रच दिया। साउथ जोन के खिलाफ खिताबी मुकाबले में शानदार दोहरा शतक लगाकर ईशान दलीप ट्रॉफी के फाइनल में 200 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की खास सूची में शामिल हो गए।

रविवार को पहले दिन का खेल खत्म होने तक ईशान शतक बनाकर नाबाद थे। सोमवार को उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए दोहरा शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह दलीप ट्रॉफी फाइनल में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पांचवें बल्लेबाज बन गए।

दलीप ट्रॉफी फाइनल के खास क्लब में ईशान

ईशान किशन से पहले दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में रमन लांबा, अंशुमान गायकवाड़, चेतेश्वर पुजारा और यशस्वी जायसवाल शामिल थे।

रमन लांबा ने 1987-88 में वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रन बनाए थे। उसी सीजन में अंशुमान गायकवाड़ ने नॉर्थ जोन के खिलाफ 216 रन की पारी खेली थी।

2016-17 के फाइनल में चेतेश्वर पुजारा ने India Red के खिलाफ नाबाद 256 रन बनाए, जबकि 2022-23 में यशस्वी जायसवाल ने साउथ जोन के खिलाफ 209 रन की पारी खेली थी।

अब इस प्रतिष्ठित सूची में ईशान किशन का नाम भी जुड़ गया है।

पहले दिन शतक, दूसरे दिन दोहरा शतक

ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने शुरुआत से ही आक्रामक और नियंत्रित बल्लेबाजी की। पहले दिन स्टंप्स तक ईस्ट जोन ने चार विकेट पर 385 रन बनाए थे। ईशान 111 रन पर नाबाद थे और उनके साथ कुमार कुशाग्र 63 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।

दोनों ने महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दूसरे दिन कुशाग्र ने भी अपना शतक पूरा किया, लेकिन उनके आउट होने के बाद भी ईशान की बल्लेबाजी पर कोई असर नहीं पड़ा।

दोहरा शतक पूरा करने के साथ ईशान ने First-Class क्रिकेट में अपने 4,000 रन भी पूरे किए। यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का 10वां शतक भी है।

टीम इंडिया में वापसी की उम्मीदों को भी मजबूती

ईशान किशन सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। हालांकि, लंबे प्रारूप में अपनी जगह मजबूत करने के लिए वह घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभाव छोड़ना चाहते हैं।

दलीप ट्रॉफी के फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दबाव के बीच इतनी लंबी और प्रभावशाली पारी खेलना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दक्षिण जोन के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी में धैर्य और आक्रामकता दोनों का संतुलन देखने को मिला।

ईस्ट जोन पिछले 13 वर्षों से दलीप ट्रॉफी का खिताब नहीं जीत सका है। ऐसे में कप्तान ईशान की यह पारी टीम को लंबे इंतजार के बाद ट्रॉफी दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।

अब ईस्ट जोन के गेंदबाजों पर जिम्मेदारी है कि वे इस मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन को मैच में निर्णायक बढ़त में बदलें। ईशान के लिए भी यह पारी रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी दावेदारी को मजबूत करने का बड़ा संदेश है।

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