भावना कंठ फाइटर कॉम्बैट लीडर
बिहार की भावना कंठ को भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) बताया गया है। उन्होंने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) में 20 सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा कर यह योग्यता हासिल की है।
FCL प्रशिक्षण को केवल लड़ाकू विमान उड़ाने की दक्षता की मान्यता नहीं, बल्कि उन्नत युद्धक रणनीति और नेतृत्व क्षमता की मान्यता के रूप में भी बताया गया है। इस प्रशिक्षण को पूरा करने वाले पायलटों को जटिल और महत्वपूर्ण हवाई अभियानों में देश का नेतृत्व करने योग्य माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस एलीट कोर्स में केवल 1 प्रतिशत फाइटर पायलटों को अवसर मिलता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भावना कंठ ने 2016 में अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायुसेना में तीसरी महिला फाइटर पायलट के रूप में प्रवेश किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने TCS की नौकरी छोड़कर AFCAT परीक्षा के जरिए वायुसेना में जगह बनाई।
2018 में अंबाला से मिग-21 बाइसन पर उनकी पहली एकल उड़ान का उल्लेख किया गया है। 2019 में उन्हें दिन के समय कॉम्बैट मिशन की अनुमति मिली और 2020 में उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार दिया गया।
भावना कंठ का संबंध बिहार के दरभंगा जिले के बाउर गांव से बताया गया है। रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया है कि बचपन से ही उनका सपना आसमान में उड़ने का था। वह आसमान में जेट विमान देखकर उसके पीछे दौड़ा करती थीं।
21 जनवरी 2021 की एक सोशल मीडिया पोस्ट में भावना कंठ को गणतंत्र दिवस फ्लाई-पास्ट में शामिल होने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बताया गया था।