राहुल गांधी रिजीम चेंज बयान
बांग्लादेश के 2024 छात्र आंदोलन को भारत में लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों के लिए युवाओं की लामबंदी की प्रेरणा बताने तथा ‘रिजीम चेंज’ की बात करने पर भाजपा ने राहुल गांधी और उनके राजनीतिक सहयोगियों को घेरा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और वकील प्रशांत भूषण की टिप्पणियां राहुल गांधी के विचारों को दर्शाती हैं और भारत में ‘बांग्लादेश जैसी अराजकता’ पैदा करने की कोशिश का संकेत देती हैं।
नेहा बोरा ने Socialist Students’ Front के एक सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हुआ Gen Z आंदोलन भारत में लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों को लेकर युवाओं की लामबंदी के लिए रास्ता दिखाता है। बोरा ने कहा, “We know that the Gen Z movement that we are seeing in India first started in Bangladesh. Congratulations to you for showing us the way.”
उन्होंने बांग्लादेश के छात्र आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई और कहा कि भारत तथा बांग्लादेश लोकतांत्रिक और मतदाता अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत भूषण ने कहा, “There will definitely be a regime change. We all want a regime change. Is there anything wrong with that?” स्रोत के अनुसार, भूषण ने यह टिप्पणी गुरुवार को की थी, जबकि बोरा का बयान उससे एक दिन पहले आया था।
ये टिप्पणियां हाल के SIR विरोध प्रदर्शनों और SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर राहुल गांधी के सड़क प्रदर्शनों के बीच आईं। बोरा और भूषण इन प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। स्रोत में बोरा को INDIA bloc की बैठकों में नियमित रूप से शामिल होने वाला भी बताया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इसे ‘रिजीम चेंज की खुली स्वीकारोक्ति’ बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। भंडारी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने नेहा बोरा को अपनी ‘पोस्टर गर्ल’ बनाया है, जिससे उनके विचारों का राहुल गांधी की सोच से मेल दिखता है।
भाजपा IT Cell के प्रमुख दीपक म्हस्के ने कहा कि इन टिप्पणियों से अराजकता पैदा करने और ‘भीड़ के शासन’ को बढ़ावा देने की कोशिश का संकेत मिलता है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा युवा प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने के लिए लोकतंत्र का मुद्दा उठा रही है। स्रोत के अनुसार, भाजपा के आरोपों पर राहुल गांधी और नेहा बोरा की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।