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EPFO wage ceiling

नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ा फैसला! EPFO की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000

केंद्र ने EPFO की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी है। सरकार के अनुसार 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य PF कवरेज के दायरे में आ सकते हैं।

नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ा फैसला! EPFO की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000

EPFO wage ceiling

Published by: cloud_hindi
  • Posted:September 16, 2026 11:29 am
  • Update:September 16, 2026 11:29 am
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केंद्र सरकार ने नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ा फैसला लिया है। Employees’ Provident Fund Organisation यानी EPFO के लिए वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया गया है।

सरकार के अनुसार, इस फैसले से ₹15,000 से ₹25,000 मासिक वेतन पाने वाले बड़ी संख्या में कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में आएंगे। अनुमान है कि 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी EPFO के दायरे में शामिल हो सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस फैसले पर सरकार का अनुमानित वार्षिक खर्च करीब ₹11,339 करोड़ होगा। उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से चली आ रही मांग थी।

12 साल बाद बदली EPFO की वेतन सीमा

EPFO की वेतन सीमा आखिरी बार सितंबर 2014 में बढ़ाकर ₹15,000 की गई थी। इसके बाद 12 वर्षों तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ।

केंद्र के मुताबिक, पिछले एक दशक में वेतन स्तर और औपचारिक रोजगार में बदलाव आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीमा को ₹25,000 किया गया है।

इस बदलाव से ₹15,000 से ₹25,000 के वेतन वर्ग में आने वाले कर्मचारियों को संशोधित PF नियमों के तहत कवरेज मिलेगा।

PF कटौती कितनी बढ़ सकती है?

मौजूदा ₹15,000 की सीमा पर 12 प्रतिशत की दर से कर्मचारी का अनिवार्य PF योगदान अधिकतम ₹1,800 प्रति माह होता है।

अगर नई ₹25,000 सीमा पर भी 12 प्रतिशत की दर लागू होती है, तो कर्मचारी का योगदान ₹3,000 प्रति माह तक हो सकता है। यानी संभावित रूप से ₹1,200 प्रति माह और ₹14,400 प्रति वर्ष अतिरिक्त योगदान हो सकता है।

हालांकि, वास्तविक कटौती इस बात पर निर्भर करेगी कि नए नियमों को किस तरह लागू किया जाता है और संबंधित नियोक्ता योगदान की गणना कैसे करता है। इसलिए ₹3,000 की राशि को हर कर्मचारी के लिए निश्चित deduction नहीं माना जाना चाहिए।

51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा

सरकार का अनुमान है कि नए wage ceiling के कारण 51 लाख से अधिक कर्मचारी अनिवार्य EPFO coverage के दायरे में आ सकते हैं।

इससे Provident Fund savings के अलावा Employees’ Pension Scheme यानी EPS और Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme यानी EDLI जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच भी बढ़ सकती है।

सरकार के अनुसार, इस फैसले पर सालाना लगभग ₹11,339 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। पांच साल में अनुमानित खर्च करीब ₹56,696 करोड़ हो सकता है।

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