विराट कोहली टेस्ट संन्यास
विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास को लेकर पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने सवाल उठाए हैं। जाफर का मानना है कि कोहली ने खुशी से संन्यास नहीं लिया और वह टेस्ट क्रिकेट से कुछ तल्खी के साथ विदा हुए। उनके अनुसार, भारतीय टीम का मैनेजमेंट इस मामले को बेहतर तरीके से संभाल सकता था।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, कोहली ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। इससे पहले वह इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे और तैयारी के हिस्से के तौर पर दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी में खेले थे। इसी आधार पर जाफर ने सवाल किया कि अगर कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का फैसला कर लिया था, तो वह इंग्लैंड सीरीज की तैयारी क्यों कर रहे थे।
जाफर के मुताबिक, अप्रैल में हालात बदल गए। उनका दावा है कि भारतीय टीम के मैनेजमेंट ने कोहली से कहा कि वह युवा क्रिकेटरों के भविष्य के बारे में सोच रहा है। जाफर का मानना है कि इसके बाद कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से हटने का फैसला किया। हालांकि, उन्होंने संन्यास की अंतिम वजह को लेकर निश्चित दावा नहीं किया।
जाफर का मानना है कि कोहली जैसे क्रिकेटर को देखने के लिए दर्शक स्टेडियम आते हैं और लोकप्रियता के मामले में उनकी बराबरी करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि कोहली कुछ और साल टेस्ट क्रिकेट खेल सकते थे। साथ ही जाफर ने यह भी कहा कि जब तक कोहली खुद इस बारे में नहीं बोलते, तब तक संन्यास की असली वजह स्पष्ट नहीं होगी।
जाफर के अनुसार, कोहली के संन्यास की घोषणा से जुड़े मामले को मैनेजमेंट बेहतर ढंग से संभाल सकता था। उनका मानना है कि मैनेजमेंट ने जल्दबाजी की। पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की व्यक्तिगत जिम्मेदारी को लेकर जाफर ने कोई निश्चित दावा नहीं किया।