Mamata Banerjee Supreme Court
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पूर्व पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश (Mamata Banerjee Supreme Court) को चुनौती दी है।
चुनाव आयोग ने फिलहाल दोनों गुटों को ‘All India Trinamool Congress’ नाम और पार्टी के आरक्षित ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने से रोक दिया है।
सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की जल्द सुनवाई के लिए इसका उल्लेख किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा कि दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मामले को इसी सप्ताह सूचीबद्ध करने की कोशिश की जाएगी।
तृणमूल कांग्रेस के संगठन और नियंत्रण को लेकर दो गुटों के बीच विवाद के बाद मामला चुनाव आयोग के सामने पहुंचा था।
17 सितंबर को चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि अंतिम फैसला होने तक कोई भी गुट ‘All India Trinamool Congress’ नाम या ‘Flowers and Grass’ प्रतीक का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
आयोग ने कहा कि दोनों पक्षों के दावों पर विस्तृत फैसला जरूरी है। इसलिए आगामी उपचुनावों को देखते हुए फिलहाल अंतरिम व्यवस्था लागू की गई है।
इसके बाद 18 सितंबर को दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिए गए। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिन्ह मिला।
दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ चुनाव चिन्ह दिया गया। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों के लिए अंतरिम है।
सोमवार को कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने ममता बनर्जी की याचिका का उल्लेख किया।
सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यवाही पहले से चल रही थी। जवाब भी दाखिल किया गया था। इसके बावजूद चुनावी प्रक्रिया के बीच पार्टी के प्रतीक को फ्रीज कर दिया गया।
उन्होंने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष अपनी दलीलें रख सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने मामले को इसी सप्ताह सूचीबद्ध करने की कोशिश करने की बात कही।
ममता बनर्जी ने 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें चुनाव आयोग के 17 सितंबर के अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई है।
यह विवाद 6 अक्टूबर को होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनावों से पहले महत्वपूर्ण हो गया है। नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है।
पुराने पार्टी नाम और चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक के कारण दोनों गुटों को अलग-अलग पहचान के साथ चुनावी मैदान में उतरना होगा।
हालांकि, चुनाव आयोग का मौजूदा फैसला अंतिम नहीं है। आयोग ने दोनों पक्षों के दावों पर अंतिम निर्णय अभी नहीं दिया है।
इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि आगे चलकर ‘All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Flowers and Grass’ चिन्ह का अधिकार किसे मिलेगा। फिलहाल दोनों गुटों के लिए अलग नाम और चिन्ह वाली अंतरिम व्यवस्था लागू है।
अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्रवाई पर है। अगर याचिका इसी सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होती है, तो चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश को लेकर कानूनी विवाद आगे बढ़ेगा।
फिलहाल अदालत ने मामले पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।