हूथी कौन हैं
ईरान समर्थित हूती आंदोलन ने सऊदी अरब में रियाद और खामिस मुशैत स्थित ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने कहा कि रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया गया। सऊदी अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने पहले चेतावनी क्यों नहीं दी।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने कहा कि एक बैलिस्टिक मिसाइल ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को “सटीक रूप से निशाना बनाया”। उन्होंने यह भी दावा किया कि दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खामिस मुशैत में किंग खालिद एयर बेस पर ड्रोन ने सीधे हमला किया।
स्रोत के अनुसार, रियाद तक पहुंचने वाले हूती मिसाइल और ड्रोन 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करके पहुंचे।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि रियाद की ओर हूती मिलिशिया द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया गया। उनका बयान हूतियों के उस दावे से अलग है जिसमें किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर मिसाइल के सटीक प्रहार की बात कही गई है।
सऊदी अधिकारी इस कथित हवाई रक्षा विफलता की जांच कर रहे हैं। जांच का केंद्र यह है कि हमले के बारे में पहले चेतावनी क्यों नहीं मिली।
हूती आंदोलन खुद को “अंसार अल्लाह” यानी “ईश्वर के रक्षक” कहता है। यह आंदोलन 1990 के दशक में उभरा और 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया। स्रोत के अनुसार, हूती अब उत्तर-पश्चिमी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं।
सऊदी अरब ने 2015 की शुरुआत में हूतियों के खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप का नेतृत्व किया था। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से संघर्षविराम हुआ। हालिया हमलों को सऊदी हवाईअड्डों पर पिछले सप्ताह से जारी हूती हमलों की कड़ी का हिस्सा बताया गया है।