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Iran Code 100

ईरान में ‘Code 100’! क्या है यह सैन्य अलर्ट, क्यों बढ़ी पश्चिम एशिया में चिंता?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के कथित ‘Code 100’ सैन्य अलर्ट की खबर सामने आई है। इसे उच्चतम सैन्य तैयारी का स्तर बताया जा रहा है, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

ईरान में ‘Code 100’! क्या है यह सैन्य अलर्ट, क्यों बढ़ी पश्चिम एशिया में चिंता?

Iran Code 100

Published by: cloud_hindi
  • Posted:September 23, 2026 1:57 pm
  • Update:September 23, 2026 1:57 pm
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पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच ईरान की सैन्य तैयारियों को लेकर नई रिपोर्ट सामने आई है।

कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान ने अपनी सुरक्षा और सैन्य व्यवस्था को ‘Code 100’ नाम के एक उच्चस्तरीय अलर्ट पर रखा है।

हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से ‘Code 100’ लागू किए जाने की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस अलर्ट की वास्तविक स्थिति और इसका पूरा दायरा अभी स्पष्ट नहीं है।

क्या है ‘Code 100’?

Moneycontrol सहित कई रिपोर्टों में ‘Code 100’ को ईरान की सैन्य व्यवस्था के सबसे ऊंचे स्तर की तैयारी के तौर पर बताया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, अगर यह अलर्ट वास्तव में लागू किया गया है, तो Islamic Revolutionary Guard Corps यानी IRGC, नियमित सेना और सुरक्षा बलों को संभावित सैन्य संघर्ष के लिए उच्च स्तर पर तैयार रखा जा सकता है।

हालांकि, ईरान ने इस कोड की आधिकारिक परिभाषा या इसके तहत उठाए जाने वाले सभी कदम सार्वजनिक नहीं किए हैं। इसलिए मीडिया रिपोर्टों में बताए गए इसके विवरण को सावधानी से देखा जाना चाहिए।

यह खबर ऐसे समय सामने आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी कहा है कि संघर्ष बढ़ने की स्थिति में वह अपने हथियारों, रणनीति और लक्ष्यों में बदलाव कर सकता है।

सऊदी अरब-हूती संघर्ष से बढ़ा तनाव

सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच हाल के दिनों में संघर्ष तेज हुआ है। हूतियों ने सऊदी अरब की ओर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है। वहीं, सऊदी अधिकारियों ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने की बात कही है।

यमन में भी लड़ाई तेज हुई है। Associated Press के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि 13 से 18 सितंबर के बीच यमन में 164 लोग मारे गए और 516 घायल हुए। International Organization for Migration के मुताबिक, करीब 1.3 लाख लोग विस्थापित हुए हैं।

इस बीच, पश्चिम एशिया के कई देशों में अमेरिकी मिशनों ने सुरक्षा चेतावनी जारी की है। संभावित उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र में बदलाव और अन्य परिवहन व्यवधानों की चेतावनी भी दी गई है।

ट्रंप की चेतावनी और ईरान का जवाब

ईरान की सैन्य तैयारियों को लेकर रिपोर्ट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान भी चर्चा में हैं।

ट्रंप ने कहा है कि ईरान को लेकर उनके सामने कई विकल्प हैं। इनमें सैन्य कार्रवाई, आर्थिक दबाव और बातचीत शामिल हैं। उनके बयान Fox News के पत्रकार ट्रे यिंगस्ट के जरिए सामने आए।

दूसरी ओर, ईरान के सैन्य कमांड ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका दोबारा हमला करता है, तो क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बनाया जा सकता है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी कहा है कि संघर्ष बढ़ने पर उसके सैन्य हथियार, रणनीति और लक्ष्य बदल सकते हैं।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में भी सुरक्षा चिंता सामने आई है। ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से एक टैंकर प्रभावित हुआ और दो क्रू सदस्य मामूली रूप से घायल हुए।

फिलहाल ‘Code 100’ की खबर ने पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर चिंता बढ़ाई है। लेकिन ईरान की आधिकारिक पुष्टि के अभाव में अलर्ट की वास्तविक स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

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