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Pakistan Power Crisis

अंधेरे में डूबा पाकिस्तान, 12 घंटे तक बिजली गुल; सड़कों पर उतरे लोग

पाकिस्तान में बिजली संकट एक बार फिर गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। इस्लामाबाद, रावलपिंडी और कराची सहित कई बड़े शहरों के अलग-अलग इलाकों में लंबे समय तक बिजली कटौती की...

अंधेरे में डूबा पाकिस्तान, 12 घंटे तक बिजली गुल; सड़कों पर उतरे लोग

Pakistan Power Crisis

Published by: cloud_hindi
  • Posted:August 24, 2026 3:31 pm
  • Update:August 24, 2026 3:31 pm
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पाकिस्तान में बिजली संकट एक बार फिर गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। इस्लामाबाद, रावलपिंडी और कराची सहित कई बड़े शहरों के अलग-अलग इलाकों में लंबे समय तक बिजली कटौती की शिकायत सामने आई है। कुछ क्षेत्रों में लोगों का दावा है कि उन्हें 12 घंटे तक बिजली के बिना रहना पड़ रहा है। लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

कराची में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। बिजली संकट के विरोध में स्थानीय लोगों ने कई जगहों पर सड़कें जाम कर दीं। घंटों तक चले प्रदर्शन के कारण प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई।

कराची में 12 घंटे तक बिजली कटौती

कराची के कई इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि निर्धारित लोडशेडिंग के अलावा भी लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। गरिबाबाद के एक निवासी ने शिकायत की कि समय पर बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद उनके इलाके में घंटों बिजली नहीं रहती।

बिजली कटौती का असर पानी की आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। बिजली नहीं होने के कारण पंपिंग स्टेशन प्रभावित होते हैं, जिससे कई इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। इससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

बिजली चोरी और ईंधन संकट भी बड़ी वजह

कराची में बिजली वितरण करने वाली कंपनी के-इलेक्ट्रिक का कहना है कि बिजली चोरी और बकाया बिल की समस्या अभी भी गंभीर है। कंपनी की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाए जाने के बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

इसके अलावा पाकिस्तान के कई बिजली संयंत्र गैस और एलएनजी पर निर्भर हैं। ईंधन की आपूर्ति में परेशानी होने पर बिजली उत्पादन प्रभावित होता है। बिजली उत्पादन में कमी का सीधा असर वितरण व्यवस्था पर पड़ता है और कई इलाकों में लोडशेडिंग बढ़ानी पड़ती है।

गर्मी में बढ़ी मांग ने बढ़ाया दबाव

गर्मियों में कराची जैसे शहरों में एयर कंडीशनर, पंखे और अन्य बिजली उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की मांग तेजी से बढ़ जाती है। पीक डिमांड के दौरान ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जब बिजली व्यवस्था इस अतिरिक्त मांग को संभाल नहीं पाती, तो कुछ इलाकों में आपूर्ति कम करनी पड़ती है।

इसके साथ पुरानी ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था, लाइन तथा ट्रांसफॉर्मर में खराबी और बिजली चोरी जैसी समस्याएं भी संकट को बढ़ाती हैं।

लगातार बिजली कटौती से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। कराची में सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन इसी बढ़ते असंतोष का संकेत हैं। बिजली के साथ पानी की आपूर्ति और यातायात प्रभावित होने से आम लोगों की दैनिक जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

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