Supreme Court FIR student protesters
NEET पेपर लीक के विरोध में देशभर में हुए छात्र आंदोलनों में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत के आदेश के बाद आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले के बाद CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने का फैसला किया।
NEET पेपर लीक के विरोध में CJP के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन दिल्ली के अलावा देश के कई शहरों तक फैल गया था। कोलकाता और मुंबई समेत कई जगहों पर प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थीं। बाद में इन FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हो गया।
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया। इस फैसले से बड़ी संख्या में छात्रों को कानूनी राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि अदालत ने गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को राहत देने की बात नहीं कही है। हिंसा या गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है। यानी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और गंभीर अपराध के आरोपियों के बीच स्पष्ट अंतर रखा जाएगा।
FIR वापस लेने और अन्य मांगों को लेकर केंद्र की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च वापस लेने की घोषणा की। संगठन ने पहले इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च का आह्वान किया था।
आंदोलनकारियों का आरोप था कि केंद्र ने पहले उनकी कई मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में सभी वादे लागू नहीं किए गए। FIR वापस लेने के अलावा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले या प्रभावित छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग भी की गई थी।
इससे पहले 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई थी। हालांकि अदालत ने तत्काल मार्च पर रोक लगाने से इनकार किया था और सभी पक्षों से शांतिपूर्ण तरीके से तथा कानून के दायरे में रहने की अपील की थी।
इसके बाद केंद्र की ओर से FIR वापस लेने की प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने पूरे मामले को नया मोड़ दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इस घटनाक्रम से NEET आंदोलन को लेकर छात्रों और सरकार के बीच चल रहा गतिरोध फिलहाल कम होता दिखाई दे रहा है। हालांकि गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी लोगों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रह सकती है।