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Android fake apps warning

Facebook-Instagram पर विज्ञापन का जाल! ये ऐप डाउनलोड करते ही हैकर्स के हाथ में जा सकता है फोन, सरकार ने किया अलर्ट

केंद्र सरकार ने Facebook और Instagram पर विज्ञापनों के जरिए फैलाए जा रहे खतरनाक Android ऐप्स को लेकर चेतावनी दी है। ‘Night Play’, ‘Kyss’, ‘Vimo’ जैसे ऐप APK के जरिए फोन में पहुंचकर Accessibility permission का दुरुपयोग कर सकते हैं और बैंकिंग जानकारी चुरा सकते हैं।

Facebook-Instagram पर विज्ञापन का जाल! ये ऐप डाउनलोड करते ही हैकर्स के हाथ में जा सकता है फोन, सरकार ने किया अलर्ट

Android fake apps warning

Published by: cloud_hindi
  • Posted:September 1, 2026 3:32 pm
  • Update:September 1, 2026 3:32 pm
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Facebook और Instagram पर विज्ञापन देखकर किसी अनजान ऐप को डाउनलोड करने से पहले सावधान रहें। केंद्र सरकार ने Android यूजर्स के लिए एक गंभीर साइबर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। पोर्नोग्राफिक कंटेंट के नाम पर प्रचारित किए जा रहे कुछ खतरनाक ऐप्स के जरिए मोबाइल फोन का नियंत्रण हासिल करने और बैंक खातों से पैसे चुराने की कोशिश की जा रही है।

गृह मंत्रालय के तहत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की National Cybercrime Threat Analytics Unit (NCTAU) ने इस खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। 26 अगस्त को जारी एडवाइजरी में कई संदिग्ध ऐप्स के नाम भी बताए गए हैं।

‘Night Play’, ‘Kyss’, ‘Vimo’ समेत कई ऐप

चेतावनी में ‘Night Play’, ‘Reloop’, ‘Kyss’, ‘Vimo’, ‘Rivo’, ‘Nexo’ और ‘Vixa’ जैसे ऐप्स का उल्लेख किया गया है। ये ऐप पोर्नोग्राफिक ऐप के रूप में सामने आकर यूजर्स को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।

ठगी की शुरुआत Facebook या Instagram पर दिखने वाले आकर्षक विज्ञापनों से हो सकती है। इन विज्ञापनों में उत्तेजक तस्वीरों या वीडियो के जरिए यूजर्स को क्लिक करने के लिए लुभाया जाता है। इसके बाद उन्हें ऐसी वेबसाइट पर भेजा जाता है जहां Google Play Store के बाहर से APK डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।

APK इंस्टॉल करते ही बढ़ सकता है खतरा

ऐप इंस्टॉल होने के बाद वह कई तरह की permissions मांग सकता है। इनमें Accessibility permission सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकती है।

अगर यूजर यह अनुमति दे देता है तो मैलवेयर फोन की स्क्रीन पढ़ने, OTP या PIN जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल करने और डिवाइस पर नियंत्रण लेने में सक्षम हो सकता है। इसके बाद अनधिकृत वित्तीय लेनदेन का खतरा बढ़ जाता है।

कुछ मामलों में ऐसे ऐप दूसरे पैकेज या ऐप भी इंस्टॉल कर सकते हैं। चेतावनी के अनुसार, कुछ मैलवेयर VPN इंस्टॉल करके इंटरनेट ट्रैफिक को हमलावरों के नियंत्रण वाले सर्वर से भी गुजार सकते हैं।

कैसे काम करता है पूरा फ्रॉड?

इस साइबर ठगी की प्रक्रिया आम तौर पर कई चरणों में आगे बढ़ती है—

पहला चरण: Facebook या Instagram पर आकर्षक विज्ञापन।
दूसरा चरण: विज्ञापन पर क्लिक करके संदिग्ध वेबसाइट पर पहुंचना।
तीसरा चरण: Google Play Store के बाहर से APK डाउनलोड करना।
चौथा चरण: ऐप को जरूरत से ज्यादा permissions देना।
पांचवां चरण: Accessibility permission का दुरुपयोग कर फोन का नियंत्रण हासिल करना।
छठा चरण: निजी जानकारी, OTP, PIN या बैंकिंग डेटा चुराकर वित्तीय धोखाधड़ी करना।

सरकार ने यूजर्स को Google Play Store या किसी भरोसेमंद app store से ही ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी है। संदिग्ध लिंक, विज्ञापन या वेबसाइट से APK डाउनलोड नहीं करने को कहा गया है।

फोन में संदिग्ध ऐप हो तो क्या करें?

अगर फोन में पहले से ऐसा कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल है, तो उसे हटाने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर फोन को Safe Mode में restart करके संदिग्ध ऐप uninstall किया जा सकता है।

अगर ऐप हट नहीं रहा है तो उसकी Accessibility permission बंद करनी चाहिए। साथ ही यदि उसे Device Administrator की अनुमति मिली है तो वह access भी वापस लेना जरूरी है।

किसी भी अनजान ऐप को जरूरत से ज्यादा permission नहीं देनी चाहिए। खासकर Accessibility, SMS और notification जैसी संवेदनशील permissions को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

केंद्र की चेतावनी साफ है—सोशल मीडिया के एक विज्ञापन पर क्लिक करके APK डाउनलोड करने की छोटी सी गलती मोबाइल फोन के साथ बैंक खाते को भी खतरे में डाल सकती है।

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