Salah Shehadeh killing
सालाह शहादेह हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख कमांडरों में शामिल थे। इजरायली सुरक्षा एजेंसियों का आरोप (Salah Shehadeh killing) था कि वह इजरायल में हुए कई हमलों की योजना और संचालन से जुड़े थे।
2001 से 2002 के बीच इजरायल में हुए हमलों को लेकर इजरायली खुफिया दस्तावेजों में शहादेह की भूमिका का उल्लेख मिलता है। इन दस्तावेजों के अनुसार, संबंधित हमलों में 474 लोगों की मौत और 2,649 लोग घायल हुए थे।
शहादेह गाजा में छिपकर काम कर रहे थे। Shin Bet लंबे समय से उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था। उन्हें निशाना बनाने की कई योजनाएं बनाई गईं।
लेकिन समस्या थी उनके आसपास मौजूद नागरिक।
पूर्व Shin Bet प्रमुख अवी डिख्टर के अनुसार, जब शहादेह की बेटी उनके साथ होने की संभावना थी, तब पहले के हमले रोक दिए गए थे। इजरायली पक्ष का कहना था कि अभियान में आम नागरिकों की मौत से बचना महत्वपूर्ण था।
22 जुलाई 2002 को गाजा सिटी के अल-दराज इलाके में शहादेह के ठिकाने की पहचान की गई। वह एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में मौजूद थे।
इजरायली मीडिया और मानवाधिकार दस्तावेजों के अनुसार, प्रधानमंत्री एरियल शेरोन और रक्षा मंत्री बिन्यामिन बेन-एलीएजर ने अभियान को मंजूरी दी थी। इसके बाद एक F-16 विमान से लगभग एक टन का बम उस इमारत पर गिराया गया।
शहादेह और उनके एक सहयोगी की मौत हो गई। उनकी पत्नी भी मारी गईं।
लेकिन हमले में आसपास के नागरिक भी मारे गए।
Human Rights Watch के अनुसार, शुरुआती रिपोर्टों में 13 नागरिकों की मौत और लगभग 140 लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी। बाद की रिपोर्टों में नागरिक मृतकों की संख्या 14 या उससे अधिक बताई गई।
Amnesty International ने 17 लोगों की मौत का उल्लेख किया, जिनमें नौ बच्चे शामिल थे। मृत बच्चों में शहादेह की 15 वर्षीय बेटी इमान भी थीं।
हमले के बाद इजरायल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ा। Human Rights Watch ने कहा कि घनी आबादी वाले इलाके में इतने बड़े बम का इस्तेमाल नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पर्याप्त सावधानी के सवाल खड़े करता है।
बाद की इजरायली जांच में भी खुफिया जानकारी की कमी और नागरिकों की मौजूदगी के गलत आकलन का उल्लेख हुआ। जांच के अनुसार, यदि नागरिकों की मौजूदगी के बारे में सही जानकारी होती, तो हमले का समय या तरीका बदला जा सकता था।
इस घटना को लेकर इजरायल के पूर्व Shin Bet प्रमुख अवी डिख्टर ने बाद में कहा कि लक्ष्य को खत्म किया गया, लेकिन ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी।
सालाह शहादेह की हत्या इजरायल के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा अभियान थी। लेकिन इसके साथ उनकी पत्नी, सहयोगी और कई नागरिकों की मौत जुड़ गई। इनमें एक बच्ची इमान भी थीं।
यही वजह है कि 22 जुलाई 2002 का यह हमला आज भी इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष में targeted killing, खुफिया जानकारी और नागरिक सुरक्षा के बीच टकराव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है।