Balen Shah dark sunglasses
नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra Shah, जिन्हें Balen Shah के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर अपने सिग्नेचर काले चश्मे को लेकर चर्चा में हैं। गुरुवार को उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना पहला भाषण दिया। इस दौरान भी उनकी आंखों पर वही काला चश्मा दिखाई दिया।
यह चश्मा अब उनकी सार्वजनिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। हालांकि, यह केवल फैशन से जुड़ा मामला नहीं है। Balen के कार्यालय के अनुसार, तेज रोशनी से आंखों की सुरक्षा के लिए डॉक्टर ने उन्हें डार्क ग्लास पहनने की सलाह दी है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में Balen Shah ने जलवायु परिवर्तन पर भाषण दिया। उन्होंने नेपाल में हाल की बाढ़ और हिमालयी पर्यावरण पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का मुद्दा उठाया।
भाषण के साथ उनकी पोशाक ने भी ध्यान खींचा। काला ब्लेजर, पारंपरिक नेपाली काली टोपी और उनका सिग्नेचर डार्क चश्मा उनके लुक का हिस्सा था।
Balen आम तौर पर संसद, सरकारी समारोहों, सैन्य परेड और विदेशी राजदूतों के साथ तस्वीरों के दौरान चश्मा पहने नजर आते हैं। हालांकि कैबिनेट बैठकों और निजी बातचीत के दौरान वह अक्सर चश्मा नहीं पहनते।
राजनीति में आने से पहले Balen एक लोकप्रिय रैपर थे। उनके संगीत करियर के दौरान ही काला चश्मा उनके लुक का हिस्सा बन गया था। 2022 में काठमांडू के मेयर चुनाव के दौरान यह उनकी सार्वजनिक छवि का अहम हिस्सा बन गया।
प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने इस शैली को बरकरार रखा। काले कपड़े और डार्क चश्मे के साथ उनकी पहचान अब उनकी सार्वजनिक छवि से जुड़ गई है।
नेपाल में उनके चश्मे की लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ‘Balen Shah glasses’ नाम से मिलते-जुलते चश्मे भी बेचे जाने लगे।
हालांकि Balen आमतौर पर चश्मा पहने रहते हैं, लेकिन कुछ खास मौकों पर उन्होंने इसे उतारा है। जुलाई में दक्षिणी नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद राष्ट्र को संबोधित करते समय उन्होंने चश्मा नहीं पहना था।
अगस्त में बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान भी वह बिना चश्मे के नजर आए। इससे पहले अपने समर्थकों को भावनात्मक संदेश देते समय भी उन्होंने चश्मा उतारा था।
अगस्त में नेपाल की संसद में डार्क चश्मा पहनने को लेकर भी सवाल उठे थे। बाद में Balen के कार्यालय ने चिकित्सकीय सलाह का हवाला दिया। संसद सचिवालय ने भी मेडिकल जरूरत होने पर उन्हें चश्मा पहनने की अनुमति दी।
इसलिए UN में उनके काले चश्मे ने भले ही ध्यान खींचा हो, लेकिन उनके कार्यालय के अनुसार इसके पीछे चिकित्सकीय कारण भी हैं। साथ ही यह चश्मा लंबे समय से उनकी सार्वजनिक पहचान का हिस्सा रहा है।