• 7 September 2026
  • Monday
ad
ad
JNU professor sexual harassment

JNU प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, छात्रों का दावा- यौन फायदे के बदले अतिरिक्त अंक की पेशकश

JNU के एक प्रोफेसर पर 11 छात्रों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। शिकायतों में viva के दौरान कथित तौर पर यौन फायदे के बदले अतिरिक्त अंक देने की पेशकश का भी आरोप है। विश्वविद्यालय की ICC ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

JNU प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, छात्रों का दावा- यौन फायदे के बदले अतिरिक्त अंक की पेशकश

JNU professor sexual harassment

Published by: cloud_hindi
  • Posted:September 7, 2026 8:16 am
  • Update:September 7, 2026 8:16 am
  • Facebook
  • Telegram
  • X
  • Whatsapp

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। विश्वविद्यालय के 11 छात्रों ने Internal Complaints Committee यानी ICC के सामने शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि प्रोफेसर ने viva परीक्षा के दौरान यौन संकेतों वाली टिप्पणियां कीं और कथित तौर पर यौन फायदे के बदले अतिरिक्त अंक देने की पेशकश की। मामले में ICC ने जांच शुरू कर दी है।

WhatsApp ग्रुप से सामने आई शिकायत

रिपोर्ट के मुताबिक, मई के पहले सप्ताह में viva परीक्षा के बाद एक छात्रा ने केवल छात्रों वाले एक WhatsApp ग्रुप में अपने अनुभव के बारे में बताया। इसके बाद कई अन्य छात्रों ने भी इसी तरह के अनुभव सामने रखे।

छात्रों का आरोप है कि viva के दौरान प्रोफेसर ने यौन संकेतों वाली टिप्पणियां कीं। कुछ आरोपों में कहा गया है कि छात्रों को कथित तौर पर उनके प्रस्ताव स्वीकार करने के बदले अधिक अंक देने की बात कही गई थी। इसके बाद और छात्रों ने सामने आकर शिकायतें साझा कीं।

क्लास और कैंपस स्थित आवास को लेकर भी आरोप

आरोप केवल viva परीक्षा तक सीमित नहीं हैं। कुछ छात्रों ने दावा किया है कि प्रोफेसर ने JNU कैंपस स्थित अपने आवास पर आयोजित कार्यक्रमों में छात्रों को बुलाया और वहां कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया।

कुछ शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रोफेसर ने कक्षाओं के दौरान आपत्तिजनक या अश्लील टिप्पणियां कीं। बाद में वरिष्ठ छात्रों सहित और भी छात्र इसी तरह के आरोपों के साथ सामने आए।

ICC ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद JNU की Internal Complaints Committee ने मामले में प्रक्रिया शुरू की और छात्रों को अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया।

शिकायत दर्ज होने के कुछ समय बाद विश्वविद्यालय में करीब 45 दिनों का सेमेस्टर ब्रेक शुरू हो गया। जुलाई में कक्षाएं दोबारा शुरू होने के बाद यह मामला फिर कैंपस में चर्चा का विषय बना।

ICC ने मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार किया है और इसे आंतरिक तथा जांच के अधीन मामला बताया है। JNU प्रशासन की ओर से भी अभी तक आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आरोप अभी जांच के अधीन

प्रोफेसर के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल जांच के अधीन हैं और अभी तक साबित नहीं हुए हैं। ICC की जांच पूरी होने के बाद ही मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

JNU में इससे पहले भी यौन उत्पीड़न के एक मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। अप्रैल 2025 में विश्वविद्यालय की Executive Council ने चार कर्मचारियों को अलग-अलग मामलों में बर्खास्त किया था। इनमें School of International Studies के वरिष्ठ प्रोफेसर स्वर्ण सिंह भी शामिल थे, जिन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।

More Stories