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Geran-5 drones

600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाला Geran-5! ड्रोन हमलों से बदल रही जंग की रणनीति

600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाला जेट-पावर्ड Geran-5 ड्रोन यूक्रेन की एयर डिफेंस के लिए नई चुनौती बन रहा है। रूस बड़ी संख्या में ऐसे ड्रोन लॉन्च कर रहा है। आखिर कैसे बदल रही है युद्ध की रणनीति?

600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाला Geran-5! ड्रोन हमलों से बदल रही जंग की रणनीति

Geran-5 drones

Published by: cloud_hindi
  • Posted:September 20, 2026 6:42 am
  • Update:September 20, 2026 6:42 am
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रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में ड्रोन हमलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। रूस अब जेट इंजन वाले Geran ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। इनमें Geran-5 को यूक्रेन की एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। इस ड्रोन की अधिकतम गति करीब 600 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। इसकी मारक दूरी लगभग 1,000 किलोमीटर तक हो सकती है। इस वजह से इसे पुराने Shahed-टाइप ड्रोन की तुलना में रोकना ज्यादा मुश्किल हो सकता है।

600 किमी की रफ्तार ने बदली चुनौती

यूक्रेन पहले धीमी गति वाले Shahed-टाइप ड्रोन के खिलाफ मोबाइल फायरिंग यूनिट और कम लागत वाले इंटरसेप्टर इस्तेमाल करता था। इन प्रणालियों ने कई मौकों पर काफी ऊंची इंटरसेप्शन दर हासिल की थी।

लेकिन जेट इंजन वाले Geran ड्रोन ने समीकरण बदल दिया है। इनकी गति ज्यादा है और ये अपेक्षाकृत अधिक ऊंचाई पर उड़ सकते हैं। इससे एयर डिफेंस सिस्टम को लक्ष्य पहचानने और उसे रोकने के लिए कम समय मिलता है।

नए Geran वेरिएंट में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से जुड़े सिस्टम भी शामिल किए जा रहे हैं। इनका इस्तेमाल इंटरसेप्टर ड्रोन के संचार और नियंत्रण में बाधा डालने के लिए किया जा सकता है।

बड़ी संख्या में हमले से एयर डिफेंस पर दबाव

रूस की रणनीति सिर्फ तेज ड्रोन तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में ड्रोन एक साथ भेजना भी इसका अहम हिस्सा है। रूस ने जून में करीब 450 जेट-पावर्ड ड्रोन इस्तेमाल किए थे। अगस्त में यह संख्या बढ़कर करीब 2,850 हो गई। कई हमलों में जेट इंजन वाले ड्रोन का हिस्सा काफी बड़ा रहा।

इस रणनीति से यूक्रेन की एयर डिफेंस को लगातार सक्रिय रहना पड़ता है। हर हमले को रोकने के लिए इंटरसेप्टर, मिसाइल और सैन्य कर्मियों की जरूरत होती है। लगातार कई लहरों में हमला होने पर संसाधनों पर दबाव और बढ़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन हमलों में ऊर्जा संयंत्र, गैस ढांचा, लॉजिस्टिक्स और रक्षा उद्योग जैसे लक्ष्य भी शामिल हो सकते हैं। इस तरह ड्रोन हमले सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहते।

मिसाइल और ड्रोन के बीच बदल रहा लागत का समीकरण

Geran-5 की एक और खासियत इसकी लागत और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की क्षमता है।
विशेषज्ञों ने इसे ड्रोन की अर्थव्यवस्था पर आधारित लंबी दूरी के हमले का नया रूप बताया है।
इसका इस्तेमाल कुछ मामलों में क्रूज मिसाइल जैसी भूमिका में किया जा सकता है।

इसके कारण एयर डिफेंस के सामने एक अहम आर्थिक चुनौती खड़ी होती है। अगर कम लागत वाले ड्रोन को रोकने के लिए महंगी मिसाइलों का इस्तेमाल करना पड़े, तो लंबे समय में रक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

यूक्रेन अब तेज इंटरसेप्टर ड्रोन विकसित करने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा कम लागत वाली गाइडेड मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और बेहतर सेंसर पर भी काम किया जा रहा है। Reuters के अनुसार, यूक्रेन तेज रफ्तार वाले रूसी ड्रोन के खिलाफ नई तकनीक विकसित करने की कोशिश कर रहा है।

Geran-5 का इस्तेमाल इसलिए सिर्फ एक नए ड्रोन मॉडल का मामला नहीं है। यह बड़े पैमाने पर कम लागत वाले हवाई हमलों की बदलती रणनीति को दिखाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भविष्य की एयर डिफेंस व्यवस्था में तेज पहचान, सस्ते इंटरसेप्टर और बड़े पैमाने पर उत्पादन अहम होंगे।

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