राइहान वाड्रा प्रदर्शनी विवाद
राइहान वाड्रा की प्रदर्शनी से दिल्ली के हालिया छात्र प्रदर्शनों की तस्वीरें हटाए जाने के विवाद को लेकर भाजपा ने कांग्रेस में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच कथित राजनीतिक मतभेद का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शुक्रवार को दावा किया कि इस विवाद के जरिए राइहान को राजनीतिक रूप से लॉन्च करने की कोशिश की गई।
“No Idea is Final” नाम की प्रदर्शनी में राइहान की 105 तस्वीरों में से 74 को हटाने या बदलने के लिए कहा गया था। राइहान के अनुसार, प्रदर्शनी शुरू होने तक 35 फ्रेम ही बचे थे। उन्होंने कहा कि यह संग्रह तीन साल के उनके काम पर आधारित था।
राइहान ने बताया कि उन्होंने 15 अक्टूबर को प्रदर्शनी का लेआउट Bikaner House के साथ साझा किया था। इससे पहले 10 जून को शुरुआती प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे 30 जून को स्वीकार किया गया। Bikaner House ने 21 अक्टूबर को 74 तस्वीरें हटाने का नोटिस भेजा।
Bikaner House ने कहा कि तस्वीरें उसके नीति-निर्देशों के अनुरूप नहीं थीं और वे “found to be inconsistent” थीं। भाजपा का दावा है कि शुरुआती प्रस्ताव में प्रकृति, वन्यजीव, अमूर्त कला, चित्र और मूर्तियों का उल्लेख था, लेकिन उसमें “political content” शामिल नहीं था। भाजपा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक तस्वीरें बाद में जोड़ी गईं।
प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान राहुल गांधी ने राइहान के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई पोस्ट नहीं किया। भाजपा के अनुसार, राहुल गांधी पिछले रविवार निजी यात्रा पर वियतनाम गए थे। भंडारी ने कहा कि वियतनाम से राहुल गांधी हर मुद्दे पर पोस्ट कर रहे थे, लेकिन उन्होंने राइहान के पक्ष में एक भी खुला पोस्ट नहीं किया। उन्होंने इसे “Its Priyanka vs Rahul in Congress!” बताया।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने तस्वीरें हटाए जाने को युवाओं की आवाज को “muzzle” करने की कोशिश बताया था। इससे कुछ दिन पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित SIR अनियमितताओं को लेकर संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया था। भाजपा ने इन घटनाओं के आधार पर कांग्रेस में गांधी परिवार के बीच कथित राजनीतिक खींचतान का आरोप लगाया है।