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Animal-Derived Ingredients Packaging Rules

Veg या Non-Veg? पैकेजिंग में Animal-Derived Ingredients पहचानना हो सकता है आसान

पैकेज्ड फूड में animal-derived ingredients को ज्यादा आसानी से पहचानने योग्य बनाने के लिए packaging rules में बदलाव की चर्चा सामने आई है। भारत में FSSAI के मौजूदा नियमों के तहत vegetarian food के लिए हरे वृत्त और non-vegetarian food के लिए भूरे त्रिकोण का प्रतीक इस्तेमाल होता है।

Veg या Non-Veg? पैकेजिंग में Animal-Derived Ingredients पहचानना हो सकता है आसान

Animal-Derived Ingredients Packaging Rules

Published by: cloud_hindi
  • Posted:September 22, 2026 7:44 am
  • Update:September 22, 2026 7:44 am
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पैकेज्ड फूड खरीदते समय यह जानना कई लोगों के लिए जरूरी होता है कि कोई उत्पाद शाकाहारी है या मांसाहारी। कई बार किसी उत्पाद में सीधे तौर पर मांस या मछली नहीं होती, लेकिन उसमें पशु-आधारित सामग्री शामिल हो सकती है। ऐसे में लेबल पर दी गई जानकारी महत्वपूर्ण हो जाती है।

पैकेजिंग पर पशु-आधारित सामग्री को अधिक स्पष्ट तरीके से पहचानने योग्य बनाने के लिए नियमों में बदलाव की चर्चा सामने आई है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदने से पहले अधिक स्पष्ट जानकारी देना है।

भारत में FSSAI के नियमों के तहत पैकेज्ड फूड पर पहले से ही शाकाहारी और मांसाहारी प्रतीकों का इस्तेमाल होता है। शाकाहारी उत्पाद के लिए हरे रंग का वृत्त और मांसाहारी उत्पाद के लिए भूरे रंग का त्रिकोण निर्धारित है।

पशु-आधारित सामग्री की पहचान क्यों जरूरी?

कई पैकेज्ड फूड में ऐसे ingredients हो सकते हैं जिनके नाम से आम उपभोक्ता को उनके स्रोत का आसानी से पता नहीं चलता। कुछ food additives, flavouring agents और processing aids के स्रोत को समझना भी मुश्किल हो सकता है।

FSSAI के मौजूदा labelling नियमों में ingredients list, nutritional information और vegetarian या non-vegetarian declaration की व्यवस्था है। लेबल पर दी गई जानकारी स्पष्ट और आसानी से पढ़ने योग्य होना भी जरूरी है।

इसलिए पैकेजिंग में बदलाव का उद्देश्य सिर्फ ‘Veg’ या ‘Non-Veg’ लिखना नहीं है। इसका मकसद यह भी हो सकता है कि अगर किसी उत्पाद में animal-derived ingredient है, तो उपभोक्ता उसे आसानी से पहचान सके।

हरे और भूरे निशान का क्या मतलब है?

FSSAI के मौजूदा नियमों के अनुसार, शाकाहारी खाद्य पदार्थों के लिए हरे रंग के वृत्त वाला प्रतीक इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, पशु-आधारित सामग्री वाले non-vegetarian food के लिए भूरे रंग के त्रिकोण का इस्तेमाल किया जाता है।

FSSAI की व्यवस्था में अंडा, मांस, मछली या उनसे प्राप्त सामग्री वाले खाद्य पदार्थों को non-vegetarian के रूप में चिह्नित करने का प्रावधान है।

यदि किसी उत्पाद में केवल अंडा ही non-vegetarian ingredient है, तो उसके बारे में अतिरिक्त घोषणा करने की भी अनुमति है।

इसका मतलब है कि पैकेट पर लगा छोटा-सा प्रतीक उपभोक्ता के लिए महत्वपूर्ण जानकारी देता है। इसके साथ ingredients list पढ़ना भी जरूरी है।

नए नियमों से उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?

अगर animal-derived ingredients को पैकेजिंग पर ज्यादा स्पष्ट तरीके से दिखाया जाता है, तो उपभोक्ताओं के लिए खाद्य उत्पाद चुनना आसान हो सकता है।

यह सुविधा शाकाहारी लोगों के साथ-साथ उन उपभोक्ताओं के लिए भी उपयोगी हो सकती है जो धार्मिक या व्यक्तिगत कारणों से कुछ खास ingredients से बचते हैं।

ऑनलाइन फूड खरीदते समय भी यह जानकारी महत्वपूर्ण है। FSSAI के नियमों के अनुसार, e-commerce या direct selling के जरिए बेचे जाने वाले pre-packaged food के लिए जरूरी label information बिक्री से पहले उपभोक्ता को उपलब्ध करानी होती है।

इसके अलावा, FSSAI ने 2026 में vegan food logo से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। आधिकारिक रिकॉर्ड में जून 2026 में Vegan Foods Amendment Regulations जारी होने की जानकारी दी गई है।

इससे संकेत मिलता है कि खाद्य लेबलिंग में उत्पाद के स्रोत और nature को स्पष्ट करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

हालांकि, किसी नए packaging requirement के लागू होने की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी notification और effective date देखना जरूरी होगा। फिलहाल FSSAI की मौजूदा व्यवस्था में vegetarian और non-vegetarian symbols पहले से ही labelling framework का हिस्सा हैं।

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