चंद्रमणि शुक्ला को धमकी
दिवंगत भाजपा नेता मनीष शुक्ला के पिता चंद्रमणि शुक्ला को फोन और व्हाट्सऐप पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप सामने आया है। चंद्रमणि का कहना है कि कौस्तव बागची के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद इंटरनेट कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए उन्हें धमकियां मिलने लगीं। उन्होंने खरदह थाने में शिकायत दर्ज कराई है और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को भी इसकी जानकारी दी है।
चंद्रमणि के मुताबिक, धमकी देने वाले व्यक्ति ने अपना परिचय ‘अरविंद पाल’ के रूप में दिया। उनका आरोप है कि जर्मनी से इंटरनेट कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए उनसे संपर्क किया गया। चंद्रमणि ने कहा कि संदेश में उन पर बेटे की लाश पर राजनीति करने का आरोप लगाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दल के नेता संतोष सिंह के साथ रहने पर उन्हें खत्म करने की धमकी दी गई।
चंद्रमणि का दावा है कि धमकी के पीछे जर्मनी में रहने वाला कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि स्थानीय अपराधी है। हाल में उत्तम दास और प्रशांत चौधरी को भाजपा के मंच पर देखे जाने के बाद कौस्तव बागची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। चंद्रमणि के अनुसार, इसके बाद उन्होंने जवाबी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और फिर धमकियां मिलने लगीं।
मनीष शुक्ला की 2020 में टीटागढ़ स्थित भाजपा कार्यालय के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जांच में उन्हें सुपारी किलर के जरिए मरवाने की बात सामने आई थी। इस मामले में उत्तम दास और प्रशांत चौधरी के नाम जुड़ने का भी उल्लेख किया गया है। कौस्तव बागची ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ खेमे में रहने के कारण उत्तम और प्रशांत के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
फोन और व्हाट्सऐप पर मिली धमकियों को लेकर चंद्रमणि शुक्ला ने खरदह थाने में शिकायत की है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व को भी मामले से अवगत कराने की बात कही है।