नड्डा काफिला हमला मामला
जेपी नड्डा के काफिले पर 10 दिसंबर 2020 को हुए हमले के मामले में उस्ती थाने की पुलिस ने तृणमूल नेता इमरान हसन को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, इमरान हसन को बुधवार देर रात देउला के पास से पकड़ा गया।
इमरान हसन पर नड्डा के काफिले पर हमले, चुनाव से पहले धमकी देने, भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार और घरों में तोड़फोड़ समेत कई आरोप हैं। वह मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में युवा तृणमूल के अध्यक्ष रह चुके हैं।
आरोप है कि डायमंड हार्बर जाते समय सरिशा और फलता के पास नड्डा के काफिले को निशाना बनाकर पथराव और लाठी से हमला किया गया। दिलीप घोष की गाड़ी पर ईंटें मारकर उसे क्षतिग्रस्त करने और कैलाश विजयवर्गीय के घायल होने का भी आरोप है।
यह घटना 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले की बताई गई है। जेपी नड्डा अभिषेक बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र डायमंड हार्बर में सभा करने जा रहे थे। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद इस मामले की जांच के निर्देश दिए गए और जांच शुरू हुई।
सूत्रों के अनुसार, तृणमूल के शासन के दौरान इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। जांच के दौरान तौसिफ अहमद मोल्ला उर्फ बच्चू, आरिफ हुसैन, अनीसुर रहमान, संजीव मंडल, रिपन और जहांगीर खान को गिरफ्तार किए जाने का भी उल्लेख है।
तौसिफ अहमद मोल्ला उर्फ बच्चू मगराहाट नंबर 1 पंचायत समिति के लोक निर्माण कर्माध्यक्ष हैं, ऐसा सूत्रों में बताया गया है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि इस घटना में किसी और की भूमिका थी या नहीं।